आज विश्व पर्यावरण दिवस है और सोशल मीडिया न्यूज़चैनल, अखबार हर जगह वृक्षारोपण करने की सलाह दी जाएगी।यह बहुत ही अच्छी बात है हमें जागरूक होना चाहिए और समझना चाहिए।
लगातार पड़ों की कटाई से पर्यावरण पर काफी असर पड़ता है और इससे काफी नुकसान होता हैं।
वायु प्रदूषण
पेड़ों की कटाई से सबसे बड़ा नुकसान वायु प्रदूषण होता है। सोच कर देखिए पेड़ नहीं रहेंगे तो हमें सांस लेने के लिए ऑक्सीजन नही मिलेगी क्योंकि हम सब जानते हैं कि सांस लेने के लिए ऑक्सीजन हमें पेड़ों से ही मिलती है और जब यह शुद्ध नहीं होगी तो कई तरह की बीमारी फैलेंगी जो हमारी सेहत के लिए भी नुकसानदायक है और इससे वायु प्रदूषण बढ़ने का खतरा रहेगा ।
बारिश की कमी
कई शोधों से पता चलता है कि बारिश पेड़ों की वजह से होती है अगर लगतार पेड़ कटते रहेंगे तो बारिश कम होगी और इससे सुखा पढने के आसार बढ़ेंगे। खेत खलिहान सुखे रह जाएगे। यह समस्याकाफी बड़ी है।
कीट पतंगों के लिए खतरा
पेड़ों की कटाई होने की वजह से इसका खतरा इंसानी जीवन पर ही नहीं पड़ता बल्कि इसके अलावा कीट पतंगों पर भी पड़ता है जैसे की पेड़ों केआस- पास और खेत खलिहानों में जुगनू टिमटिमाते हुए दिखाई देते हैं। वैज्ञानिकों के अनुसार पर्यावरण दुषित होने की वजह से जुगनू की तादाद पर असर पड़ा है और हो सकता है ऐसे कई कीट पतंगों कोहम हमेशा के लिए खो देंगे। इसलिए हमें सावधान होने की जरूरत है ।
तापमान बढ़ता जा रहा है और मार्च -अप्रैल जैसे महीने किसान भाइयों के लिए जोखिम भरे बनते जा रहे हैं क्योंकि समय पर बारिश नहीं होती और बे मौसम बारिश हो जाती है जिसका असर खेती पर पड़ता है और फसल को नुकसान होता है। यह सब पर्यावरण दूषित का ही नतीजा है और यह संकेत है मनुष्य जाति के लिए जिसका समाधान अभी नहीं ढूंढा तो शायद आगे पछताना पड़े।
पर्यावरण सुधार
पर्यावरण को हमे दूषित होने से बचाने के लिए कोशिश करते रहना चहिए और इसमें हर इंसान को अपना योगदान देना चाहिए। अगर हर व्यक्ति अपने आसपास साफ सफाई और हरियाली बढ़ाने के कार्यम में योगदान दे तो हम पर्यावरण दूषित होने से रोकने में कुछ मदद कर सकते हैं । और ये बहुत अच्छी कोशिश होगी ।
स्वच्छता
हमें अपने आसपास स्वच्छता को अपनाना होगा जैसे कि कूड़ा कूड़ेदान में ही डालें इधर उधर ना फिलाएं। सब्जी और फल के छिलके जैसे कूड़े का खाद बनाने में प्रयोग करें। प्लास्टिक और थर्मोकोल जैसी कुड़े को अलग से रखें । शोच खुले में ना करें। इसके अलावा अपने आसपास के लोगों से भी प्रदूषण ना फैलाने का अनुरोध करें और उन्हें पर्यावरण के प्रति जागरूक बनाएं।
विश्व पर्यावरण दिवस में हम सबको अपना योगदान देना चाहिए। यह किसी एक व्यक्ति का काम नहीं हम सभी देशवासियों का कार्य है हम सबको अपने आसपास की स्वच्छता पर ध्यान देकर और गंदगी फैलाने पर रोक लगाकर हम जरा सा भी योगदान करते हैं तो यह भी हमारे लिए काफी है।
