सवाल सोनम वांगचुक के अनशन का

दिल्ली के जंतर मंतर पर समय समय पर अनशन और धरने होते रहे हैं । अक्सर जब सरकार पर अपनी बात ना पहुंचती दिखे तब आम इंसान परेशान होकर अनशन पर ही बैठकर अपनी मांग रखता है और इसके अलावा कई लोग सरकार का या फिर किसी व्यवस्था के प्रति विरोध भी जंतर-मंतर पर धरना प्रदर्शन के जरिए अपनी बात रखते हैं।

सोनम वांगचुक भी अपनी बात और शर्तो के साथ दिल्ली के जंतर मंतर पर धरना प्रदर्शन कर रहे हैं ।

सोनम वांगचुक जो की दिल्ली के जंतर मंतर 28 जून से धरने पर है । इनका परिचय काफी लंबा है और यह किसी परिचय के मोहताज भी नहीं है ।

सोनम वांगचुक दिल्ली के जंतर मंतर पर शिक्षा के लिए पेपर लीक मामले पर कैबिनेट मंत्री शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे की मांग के लिए धरने पर बैठे हुए हैं।

आखिर कब सरकार जागेगी और सोनम बांगचुक के धरने को खत्म करने की कोशिश करेगी क्या सरकार को कोई फर्क नहीं पड़ता आम जनता द्वारा किए गए सवालों का जवाब मांगने पर।

सोनम वांगचुक जो की 59 साल के हैं धरने पर बैठे हैं उनकी हालत भी खराब होती जा रही है आखिर कब तक वह धरने पर बैठेंगे और कब तक इस अनशन को जारी रख सकेंगे। सोनम वांगचुक धरने की वजह से कुछ वजन भी कम हुआ है और ब्लड प्रेशर और शुगर जैसी समस्याएं भी बढ़ रही है।

सोनम बांगचुक जो की आर्मी से रिटायर्ड है। छात्रों की शिक्षा के प्रति सुधार करना चाहते हैं । इन्हें समय-समय पर पुरस्कार से सम्मानित भी किया गया है ।

सोनम वांगचुक के साथ अभिजीत दीपके और छात्र भी इस धरने में साथ दे रहे हैं। आखिर देखते हैं धरने को सफलता मिलती है या विफलता क्या इस धरने की सरकार मानेगी या नहीं यह सब समय बतायेगा।

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