छात्रों का आंदोलन जंतर मंतर पर

सोनम वांगचुक को जंतर मंतर से पुलिस द्वारा ले जाने के बाद से ही जंतर मंतर पर प्रदर्शनकारियों का आंदोलन तेज होने लगा जिसे काबू में करने के लिए दिल्ली पुलिस और फोर्स को प्रदर्शनकारियों पर लाठीचार्ज पथराव के साथ आंसू गैस के गोले भी दागने पड़े ।

संसद में भी पेपर लीक और चढ़ावा चोरी और धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे की मांग पर विपक्ष ने सरकार को घेर लिया और जोरदार हंगामा भी किया जिस कारण लोकसभा की कार्यवाही को स्थगित करना पड़ा ।

लगभग पूरे देश में जंतर मंतर पर हो रहे प्रदर्शन को लेकर चर्चाएं हैं ऐसे में सोशल मीडिया पर भी कई लोगों ने सरकार को खरी खोटी सुनाई ।

संसद भवन के बाहर प्रदर्शनकारियों और पुलिस के बीच हुए टकराव में कई मासूम छात्र घायल भी हुए। पुलिस द्वारा प्रदर्शनकारियों पर आंसूगैस के गोले भी छोड़े गए।

इस हंगामे के बीच अस्पताल में भर्ती सोनम वांगचुक ने कहा की अभी उनका अनशन जारी रहेगा । सोनम वांगचुक ने अभिजीत दिपके से अनशन खत्म करने का आग्रह भी किया ।

जंतर-मंतर पर प्रदर्शनकारियों के हंगामे से न संसद चल सकी और संसद भवन में स्थित अमित शाह के कार्यालय में गृहमंत्री अमित शाह के साथ-मंत्रियों की बैठक भी चली । हालांकि बैठक में हुई बातचीत का कुछ पता न चल सका।

जंतर-मंतर पर हजारों छात्र ,सामाजिक कार्यकर्ता, विपक्ष दल से नेताओं ने इस आंदोलन में प्रदर्शनकारियों का साथ भी दिया ।

आखिर सरकार को प्रदर्शनकारियों से संवाद करना चहिए ना कि संवाद को तकरार में बदलना चाहिए । जब जनता की सुनवाई नहीं होती तो आक्रोश बढ़ता ही जाता है ।जैसे कि एक अनशन का कितना बड़ा बवाल हो गया आखिर इसमें गलती किसकी है शायद सरकार की तरफ से शांतिपूर्ण ढंग से बातचीत न करना और बिना बताए सोनम वांगचुक जी को सुबह-सुबह उठा कर ले जाना कि प्रदर्शनकारियों को भड़काना आग में घी डालने जैसा काम कर गया ।

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