इस पृथ्वी पर जब से मनुष्य जाति में जन्म लिया है तब से हर व्यक्ति ने अपने जीवन में कभी ना कभी तो संघर्ष देखा होगा।
मानव जीवन में संघर्ष आना स्वाभाविक है पर मनुष्य इन संघर्षों को देखकर भागता है क्योंकि मनुष्य जन्म से ही सरल जीविका जीता रहा है और सरल जीविका ही जीना चाहता है । इसीलिए संघर्ष को देखकर मनुष्य मन घबरा जाता है।
मैंने भी अपनी जिंदगी में थोड़े बहुत संघर्ष देखे है। यह संघर्ष हमें जीवन भर याद रहते हैं और साथ ही साथ आने वाले जीवन में हमें संघर्ष से बाहर निकलने का तजुर्बा भी देते हैं।
संघर्ष में रहते हुए व्यक्ति का व्यक्तित्व निखरता है और उसे कई ज्ञान के पाठ भी पड़ाता है । संघर्ष के साथ रहते हुए मनुष्य प्रतिभाशाली भी बनता है।
हर महान व्यक्ति ने अपने जीवन में संघर्ष देखा है पर इन महान व्यक्तियों ने संघर्ष के दिनों में भी धैर्य का साथ नहीं छोड़ा बल्कि समझदारी के साथ अपने जीवन में आए संघर्ष से खुद को निकाला है। लेकिन संघर्ष की वजह से अपने सपनों की मंजिल को नहीं छोड़ा।
संघर्ष जीवन में एक शिक्षक बनकर आता है और आपको सबक और समझदारी के कई पाठ भी पढ़ाता है इसके साथ संघर्ष मनुष्य का चरित्र बनाता है जीवन को नई दिशा और नई पहचान देता है ।
जिस तरह कुम्हार अपने चाक पर मिट्टी को नए-नए आकर देता है और उनमें सजीवता के रंग भरता है। ठीक वैसे ही हमें भी संघर्षों के साथ रहकर नई सोच और उमंग से जीवन को जीना चाहिए।
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