हर उम्र सीखने की होती है

हमारे समाज में हर व्यक्ति को उम्र के हिसाब से कार्य करना चाहिए ऐसी सोच और मानसिकता है इस तरह की सोच पुरानी सोच और रूढ़िवादी सोच कहलाई जाती है ।

ऐसे कायदे होने से समाज ने हर व्यक्ति को एक तरह की वेड़ियों में बांध दिया है जिस कारण हर व्यक्ति का दम घुट रहा है। मान लीजिए कोई महिला पढ़ना चाहती है जो की अपने बचपन में किसी कारणवश अपनी पढ़ाई पूरी नहीं कर सकी जब यह महिला अपने परिवार को बताती है कि वह अपनी पढ़ाई के सपने को पूरा करना चाहती है तो सर्वप्रथम परिवार के व्यक्ति उसकी हंसी उड़ाते हैं और समाज परंपरा पास पड़ोसी ऐसे बहानों को बनाकर उस महिला को सपना पूरा करने से रोक देते हैं।

यह रूढ़िवादी सोच व्यक्ति के अंदर घर कर जाती है की वह चाह कर भी अपने सपनों को अपने सीखने की उम्र पर ना सीखने की वजह से छोड़ देता है समाज में बुजुर्ग व्यक्ति इसका सबसे बड़ा उदाहरण होता है बुजुर्ग व्यक्ति चाहतें हैं कि वह भी कुछ करें परंतु समाज और परिवार वाले बुजुर्ग व्यक्तियों को बूढ़ा कहकर उन्हें कमजोर महसूस कराते हैं जिस वजह से बुजुर्ग व्यक्ति चाह कर भी अपने मन की जिंदगी को अपनी पसंद के कार्य न कर पाने की वजह से बहुत दुखी हो जाते हैं ऐसे व्यक्तियों को अपना जीवन बोझ लगने लगता है।

यदि मनुष्य इस बात को सही तरीके से समझ जाए कि किसी भी कार्य को करने या सीखने की कोई उम्र नहीं होती है तो व्यक्ति अपने जीवन को बेहतर तरीके से जीने लगेगा और शायद हम अपने जीवन में विकास कर जायेंगे ।

एक तरह से व्यक्ति जब समझ जाएगा कि सीखने की कोई उम्र नहीं होती तो व्यक्ति अपने जीवन का उद्देश्य भी पूरा कर सकेगा।

मनुष्य इस रूढ़िवादी सोच से बाहर निकलकर अंदर से मज़बूत और आत्मविश्वासी बन जाता है कुछ भी सीखने की कोई उम्र नहीं होती यह कथन ही व्यक्ति के अंदर ऊर्जा भर देता है।

जीवन का अर्थ भी यही है की हमें जीवन के हर पल में और उम्र के हर पड़ाव पर नई-नई चीज सीखनी चाहिए। चीजों को सीखने की आदत इंसान के बौद्धिक विकास को बढ़ावा भी देती है इस तरह हम सीखने के नए मायने भी समझ सकेंगे और जीवन का अर्थ सुख से नहीं बल्कि नई तकनीक को सीखने से है।

बदलती तकनीक हमारे जीवन के नजरिए को भी बदल रही है तो फिर इन्सानों को भी सीखने की उम्र क्यों होती है। इस नजरिए को समझना होगा और खुद को समाज द्वारा और परिवार द्वारा बनाए दायरों से बाहर निकल कर एक नया दृष्टिकोण अपनाना होगा।

आज के वक्त में नई चीज या तकनीक के बारे में जानना भी महत्वपूर्ण हो चुका है तो ऐसे में व्यक्ति स्वयं के पास मौजूद तकनीक से भी बहुत कुछ सीख सकता है।

सीखने की कोई उम्र नहीं होती इसका मतलब बहुत से लोग गलत सोच से भी अंदाजा लगा बैठते हैं और स्वयं को नुक्सान भी पहुंचा देते हैं इसलिए व्यक्ति को सतर्क रहना भी. सीखना होगा ।

अगर किसी भी उम्र में है हम कुछ भी नया सीख सकते हैं कार्य कर सकते हैं तो इससे व्यक्ति को मानसिक मजबूती भी मिलती है और आजादी अनुभव होने लगती है जब व्यक्ति को अपने सपनों को पूरा करने का उद्देश्य मिलता है कठिनाइयां आने पर भी वह इंसान आगे की तरफ बढ़ता रहता है।

हर व्यक्ति के सीखने की उम्र का मापदंड न होने पर व्यक्ति रचनात्मक कार्यों में सफलता प्राप्त कर लेता है और अपनी जिम्मेदारियां को भी समझने लगता है।

आपने ऐसे व्यक्ति भी देखे होंगे जो हर वक्त चिड़चिड़े स्वभाव में रहते हैं दरअसल ऐसे व्यक्तियों की मानसिक दशा समाज और परिवार के बनाए गए नियमों की वजह से बिगड़ चुकी होती है ऐसे व्यक्तियों को क्या अच्छा लगता है किस कार्य को करने से ख़ुशी मिलती है यह कभी किसी ने समझने की कोशिश नहीं की यदि ऐसे व्यक्तियों को कुछ भी सीखने की आजादी दे दी जाए तो वह व्यक्ति भी शांत और संतुष्ट होकर रहना सीख जाएंगे।

हमारे समाज में कुछ ऐसे व्यक्ति भी होते हैं जिन्हें एक दूसरे के कार्यों को देखने की और व्यक्तियों द्वारा किए गए कार्यों में कमी निकालने की बुरी आदत होती हैं

समाज और परिवार की सोच व्यक्ति को नए कार्य सीखने की उम्र से नहीं होता बल्कि हमारी निम्न स्तर मानसिकता की वजह से होता है।

अतः बदलते समय के साथ मनुष्य को अपनी सोच भी बदलनी होगी और स्वयं से सवाल जवाब भी करना होगा क्या हमारे जीवन का उद्देश्य है केबल सुख पाना और झूठी शान दिखाना ही होता है तो जवाब होगा नहीं।

मनुष्य के अंदर असीम शक्तियां हैं यदि मनुष्य अपनी क्षमताओं के अनुसार अपनी शक्तियों के आधार पर नई चीजों को सीखता है तो वह जीवन के अर्थ को समझ कर नई खोज भी कर सकता है जो कि मनुष्य जाति के लिए फायदेमंद ही साबित हो सकती है।

इसलिए हर उम्र सीखने की होती है मनुष्य को यह बात समझते हुए दूसरे व्यक्ति की इच्छाओं का सम्मान करना चाहिए और व्यक्तियों को आगे बढ़ने में प्रेरित करना चहिए एक व्यक्ति अपनी सोच से पहचाना जाता है व्यक्ति अपने कार्यों के पहचान जाता है हमें समझना होगा इंसान की बढ़ती उम्र सिर्फ एक नंबर है उसके अलावा कुछ नहीं।

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