असम में बाढ़ जिसमें 7 जिले भी बुरी तरह प्रभावित हुए हैं ।हर तरफ पानी ही पानी दिख रहा है असम में आई बाढ़ की वजह से लाखों लोग बेघर हो चुके हैं और बहुत से गांव भी जलमग्न हो गये हजारों की संख्या में व्यक्ति राहत शिवरों और सड़कों पर डेरा जमाए हुए हैं ।
19 जुलाई को असम में आई बाढ़ ने वहां के जनजीवन को प्रभावित किया है ।इस बाढ में काफी लोगों का बहुत-कुछ बर्बाद और कुछ हद तक खत्म भी हो चुका है। स्थिति विनाशकारी बनी हुई है ।असम में इस बार आई बाढ़ बताया जा रहा है कि पिछले 60 सालों से भयंकर है ।
तबाही के इस मंजर में चारों तरफ बाढ़ का पानी ही दिखाई दे रहा है हालांकि प्रशासन राहत सामग्री और अन्य मदद भेज रहा है । पर ऐसे में व्यक्तियों की रोजमर्रा के जीवन पर काफी फर्क पड़ा है।
बाढ़ के इस जलप्रलय से असम में चारों तरफ हाहाकार मच रहा है क्योंकि इस बाढ में कुछ मृत्यु हुई हैं बाढ़ मे 600 के लगभग गांव भी प्रभावित हुए हैं।
असम में हर साल बाढ़ आती है इसकी वजह है ,असम चारों तरफ से पहाड़ों से घिरा हुआ है जब बारिश आती है पहाड़ों पर से बारिश का सारा पानी नीचे आने लगता है । यह सारा पानी ब्रह्मपुत्र नदी में आता है परंतु जब नदी का पानी खतरे निशान से ऊपर हो जाता है जिसके बाद सारा पानी गांव और शहरों में पहुंच जाता है और बाढ़ की वजह बन जाता है ।
बाढ़ का पानी सड़कों और मैदान से होकर घरों में पहुंचता है तो स्थिति और भयाभय हो जाती है ।जिस कारण असम में हर साल क्षेत्रीय लोगों को यह स्थिति देखने को मिलती है और हर साल उन्हें अपने घरों को छोड़कर के अपने जरूरी सामान के साथ राहत शिविरों में बाढ़ से बचने के लिए और मदद की आस में चले जाते हैं।
पानी में खेत डूबे हुए हैं, घरों में घुसा हुआ कीचड़ मलवा और राहत सामग्री मिलने का इंतजार करते लोग यह दृश्य है असम में आई बाढ़ के वक्त का ।जहां खड़े होकर आप अपने चारों तरफ बर्बाद होते हुए खेत खलियान, घर मकान देखेंगे और यहां तक की किसी-किसी इंसान की पहचान तक खत्म हो चुकी है कुछ लोगों कि फिर से बसने की आस भी बाढ में खत्म हो चुकी है ।
हालांकि असम में आई बाढ़ की स्थिति पर कुछ हद तक काबू कर लिया गया है पर स्थिति को सामान्य होने में अभी कुछ वक्त लग सकता है ब्रह्मपुत्र नदी में पानी का स्तर भी सामान्य होने में समय लगेगा । असम में आई बाढ़ में स्थानीय लोग भी एक- दूसरे की मदद कर रहे हैं और इंसानियत का परिचय भी दे रहे हैं ।
हर बार जब भी चुनाव होते हैं तो नेताओं द्वारा बड़े-बड़े वादे किए जाते लेकिन चुनाव खत्म होने के बाद कोई भी वादे क्यों नहीं पूरे किए जाते ।हालांकि प्रशासन द्वारा बाढ़ से परेशान हुए लोगों को राहत सामग्री और इसके अलावा बाढ़ में हुए नुकसान की भरपाई भी कराई जाएगी इसके अलावा और भी कई सहायता मुहैया कराई जा रही है। पर सवाल यह है कि प्रशासन समय रहते इस आने वाली आपदा से निपटने को तैयार क्यों नहीं होता ।
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