साहस और सोच

साहस वह होता है जो इंसान को जीवन में आगे बढ़ने और बेहतर बनने की प्रेरणा देता है इस धरती पर कई महान पुरुषों ने समय-समय पर साहस के कार्य किए हैं । कई व्यक्तियों ने उन महापुरुषों से प्रेरणा लेकर साहस के कदम भी उठाए हैं ।

क्या कभी देखा है एक छोटा बच्चा जो अभी ठीक प्रकार से चलना नहीं सीखा है बार-बार उठना है बार-बार गिरता है और हर बार साहस के साथ फिर से खड़ा हो जाता है । हालांकि बच्चा साहस नामक शब्द को नहीं समझता है।

इसी प्रकार एक योद्धा साहस के साथ युद्ध लड़ता है बिना हार जीत की सोचे ।

ऐसे कई उदाहरण हैं जहां हमें साहस का परिचय मिलता है साहस आत्मविश्वास को बढ़ावा देने का कार्य करता है। एक आम इंसान में भी साहस की वजह से कुछ कर गुजरने का जज्बा जन्म लेता है।

इसी प्रकार मनुष्य की सकारात्मक सोच भी किसी कार्य को करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाती है किसी भी कार्य करने के पहले ही मनुष्य के मन में उस कार्य के प्रति जिस प्रकार की सोच होगी कार्य भी उसी दिशा में आगे बढ़ने लगता है।

कहते भी तो हैं मन के हारे हार है मन के जीते जीत।

किसी भी महापुरुष के जीवन में साहस और सकारात्मक सोच ही‌ दो ऐसे गुण होते हैं जो एक साधारण से इंसान को महत्वपूर्ण कार्य करने के लिए ‌ प्रेरित करते हैं और भीड़ से अलग एक नई पहचान देते हैं ।

साहस और सकारात्मक सोच जीवन जीने का एक नया दृष्टिकोण देते हैं ऐसे मनुष्य के सामने जिसमें साहस और सकारात्मक सोच है वह किसी भी परिस्थिति में घबराते नहीं है बल्कि अपनी परिस्थितियों को स्वीकार करके और परिस्थितियों से बाहर निकलने का रास्ता खोजने में जुट जाते है।

पहले के वक्त में जब संसाधनों की कमी थी या ना के बराबर थो श्रृं उस वक्त में भी इंसान साहस और सकारात्मक रवैया को अपनाते थे और अपने आनेवाली पीढ़ी को भी इन शक्तियों से परिचित कराते थे जिससे कि आने वाले जीवन में मनुष्य कठिनाइयों का सामना भली भांति कर सके ।

मनुष्य जीवन साधारण जीवन है परंतु इस जीवन में समय-समय पर अच्छी सोच और अच्छे साहस के साथ जीना ही हमारा कर्तव्य है ।

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