बीते दिनों दिल्ली के जंतर मंतर पर पेपर लीक के खिलाफ हुए छात्रों द्वारा आंदोलन जिसमें देश के जेन जी ने विरोध प्रदर्शन किया ।इस आंदोलन में युवाओं और सोशल मीडिया की ताकत का एक नया पैमाना भी स्थापित हुआ । इस विरोध प्रदर्शन में जेन जी ने सफलता प्राप्त की और साथ में अपनी शर्त भी मनवाई।
इससे हमें यह तो पता चलता है कि एक आम नागरिक अपनी आवाज को उठाना जानता है और एक साथ मिलकर आंदोलन के भागीदारी बन कर सत्ता पक्ष को झुकाना भी जानता है
पेपर लीक की घटना में छात्रों के विश्वास को गहरी चोट लगी जब छात्रों ने ईमानदारी और कड़ी मेहनत से तैयार किए गए परिश्रम को व्यर्थ होते देखा तो उनका गुस्सा जवाब दे गया और आंदोलन के रूप में गुस्सा फूटा।
दिल्ली के जंतर मंतर पर हुए आंदोलन को अभी शांत हुए कुछ दिन ही हुए थे कि एक नया छात्र आंदोलन शुरू हो गया।
झारखंड की राजधानी रांची में जेपीएससी और जेएसएससी भर्ती परीक्षाओं में पेपर लीक ओएमआर सीट से छेड़छाड़ और धांधली के खिलाफ कर रहे छात्रों का आन्दोलन लोगों के ध्यान और चर्चा का विषय बन चुका है।
रांची छात्र आंदोलन में पिछले कुछ दिनों से रांची के जयपाल सिंह मुंडा स्टेडियम में कुछ छात्र अनिश्चितकालीन धरने और आमरण अनशन पर बैठ गए हैं और छात्रों ने अपनी मांगी रखी है छात्रों के मुताबिक प्रतियोगी परीक्षा में लगातार हो रहे पेपर लीक एवं भ्रष्टाचार पर रोक लगनी चाहिए।
रांची छात्र आंदोलन को 22 23 दिन हो चुके हैं पर अभी तक इस आंदोलन को खत्म करने का ठोस कदम झारखंड सरकार नहीं उठा सकी है।
हालांकि की इस मामले को शांत करने के लिए मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन ने छात्रों से निष्पक्ष जांच न्याय का भरोसा दिलाया है और छात्र प्रतिनिधियों को बातचीत करने के लिए आमंत्रित भी किया गया इस आंदोलन को सोनम वांगचुक से भी समर्थन मिलने लगा है जिस वजह से हेमंत सोरेन की सरकार पर दबाव बन गया है।
रांची छात्र आंदोलन में छात्र सड़कों पर उतर कर सरकार के खिलाफ नाराज़गी जाहिर कर रहे हैं और अभी तक इस आंदोलन को सरकार की तरफ से संतुष्टि पूर्ण जवाब नहीं मिला है और यह आंदोलन अब किस दिशा में बढ़ेगा या इस आंदोलन में छात्रों की सहमति में सरकार भी सहमत होगी यह देखना बाकी है।
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