जीवन की मूलभूत जरूरतें

हम सभी मनुष्य अपने जीवन को सरल और सुगम बनाना चाहते हैं इसके लिए निरंतर प्रयास भी करते रहते हैं।

हर व्यक्ति अपने जीवन को खुशहाल बनाकर खुश रहना चाहता है।

हर व्यक्ति के जीवन में समस्याएं भी होती है और समस्याओं का होना भी जरूरी होता है यदि हमारे जीवन में समस्या ना होती तो शायद मनुष्य जीवन की महत्व को समझ ना सके।

इसी तरह मनुष्य की अपने जीवन में कुछ मूलभूत जरूरत है भी होती है जैसे कि एक छोटे बच्चे का अच्छी शिक्षा प्राप्त करना उसके जीवन की महत्वपूर्ण अपेक्षा है शिक्षा मनुष्य को जीवन का आधार देती है। शिक्षा से ही मनुष्य समाज में रहने के तौर तरीके सीखता है शिक्षा ही मनुष्य का सही मायने में निर्माण करती है तो इस तरह शिक्षा मनुष्य जीवन की महत्वपूर्ण अपेक्षा माना गया है ।

मूलभूत आवश्यकता

इसके अलावा मनुष्य के जीवन की मूलभूत आवश्यकता है में से तीन महत्वपूर्ण और जरूरी आवश्यकता भी हैं। इन तीन महत्वपूर्ण आवश्यकताओं में से पहली आवश्यकता भोजन माना गया है।

भोजन (रोटी)

मनुष्य के जीवन का आधार भोजन पर भी टिका हुआ है मनुष्य बच्चे रूप में जब जन्म लेता है उसकी पहली आवश्यकता भोजन ही होता है ।

जीवन को सुचारू रूप से चलने के लिए मनुष्य को भोजन की जरूरत पड़ती है यदि मनुष्य के पास भोजन नहीं होगा तो उसका जीवन से सुचारू रूप से नहीं चल पाएगा।

यदि व्यक्ति अच्छा भोजन करता है तो उसने सोचने समझने की शक्ति आती है और कार्य को करने की समर्थ होती है पर बिना भोजन के मनुष्य के जीवन की कल्पना करना भी असंभव होगा।

कपड़ा(वस्त्र)

कपड़ा भी मनुष्य के जीवन की महत्वपूर्ण आवश्यकताओं मैं से एक माना गया है। आदिमानव के समय से ही मनुष्य ने कपड़ा पहनना सीख लिया था आदिमानव के समय में मनुष्य जानवरों की खाल को अपने शरीर को ढकने के काम मेलेने लगा था ।

समय के साथ-साथ मनुष्य ने तरक्की की है परंतु आज भी वस्त्र हमारे शरीर को ढकने यह काम में आता है सर्दी के दिनों में सर्दी से बचाव के लिए हम उन्हीं कपड़ों का इस्तेमाल करते हैं।

मकान

प्राचीन समय से ही मनुष्य गुफाओं में रहते आया है मनुष्य को खुले में रहने से जंगली जानवरों से डर लगता था इसलिए अपने बचाव के लिए मनुष्य मैं गुफाओं में रहना शुरू कर दिया था

आज के वक्त में इंसान ईंट पत्थरों से मकान बनाकर उसमें रहने लगा है मकान में रहने से व्यक्ति सुरक्षित रहता है सर्दी गर्मी और बरसात इन मौसम से बचने के लिए मकान एक महत्वपूर्ण आवश्यकता हो चुकी है।

अतः मकान मनुष्य की मूलभूत आवश्यकताओं में से एक माना गया है और जो की बहुत जरूरी भी है।

शिक्षा

मूलभूत आवश्यकताओं के अलावा शिक्षा भी महत्वपूर्ण आवश्यकताओं का अंग माना गया है शिक्षित व्यक्ति अपने अच्छे आचरण से समाज की भलाई कर सकता है।

शिक्षा मनुष्य के जीवन कोई एक नया आधार देती है और मनुष्य को श्रेष्ठ मनुष्य बनाने में सहायक भी होती है।

बिना मूलभूत आवश्यकताओं के मनुष्य जीवन की कल्पना करना भी मुश्किल है ।

Comments

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *