त्योहारों का वक्त है तो ऐसे में खान-पान ना हो ऐसा हो नहीं सकता त्योहारों पर पकवान व्यंजन का लुत्फ उठाना हम भारतीयों की परंपरा रही है।
त्यौहार आने के काफी दिन पहले से ही बाजारों में तो मिठाई आदि बनना शुरू हो जाता है दुकानों पर सजी मिठाइयों को देखकर मुंह में पानी आ जाता है और खाने के लिए विवश हो उठते हैं।
खाने में मिलावट
आजकल के वक्त में आधी से ज्यादा बीमारियों की वजह पेट खराब होने की वजह से होती हैं और पेट खराब होने की वजह मिलावटी खाना खाया जाना है।
अच्छी फसल के लिए केमिकल का प्रयोग
फसल के वक्त में ही अच्छी फसल की पैदावारी के लिए फसल में कीटनाशक और केमिकल भी डाले जाते हैं जिसके कारण फसल देखने में बहुत अच्छी और ज्यादा लगती है लेकिन इन केमिकल और कीटनाशक दवाओं की वजह से फसल की गुणवत्ता नष्ट हो जाती है ।
मसाले में रंग का प्रयोग
हमारे खाने की थाली में सब्जियों की महत्वपूर्ण जगह है इन सब्जियों को बनाते वक्त हम कई प्रकार के मसालों का भी उपयोग करते हैं जिससे सब्जी स्वादिष्ट बनती है सब्जी के स्वादिष्ट बनने से खाना खाने में भी स्वाद बढ़ जाता है पर जब पता चले कि मसालों में रंग मिलाया जाता है जिससे कि मसालें में सुंदरता बढ़ जाती है पर इन मसालों में रंग मिलाने की वजह से यह रोग बढ़ाने का कारण बन जाता है और मसाले की स्वादिष्टता भी खत्म हो जाती है।
आटे में मिलावट
दुनिया का हर व्यक्ति दो वक्त की रोटी खाने के लिए मेहनत करता है और कमाता है। पर जब पता चले की यह रोटी भी जिस आटे से बनी हुई वह आटा मिलावटी आटा है क्योंकि आज के वक्त मे आटे में भी मिलावट करने से पीछे नहीं हठ रहा इंसान और इसका खामियाजा मिलावटी आटा खाने वालों को भुगतना पड़ता है।
मिठाइयों मे मिलावट
त्योहारों का वक्त है और बाहर बजार में हलवाइयों की दुकान पर तरह-तरह की मिठाइयां देखने को मिल जाएंगी। पर ये मिठाइयां देखने में जितनी अच्छी लगती हैं उतनी ही सेहत के लिए नुकसानदायक भी साबित होती हैं ।
अन्य खाने पीने की चीजों में मिलावट
खाने पीने की हर चीज में मिलावट इतनी हो चुकी है की शुद्धता की पहचान करना मुश्किल सा हो चुका है हमारे चाय बनाने के दूध में मिलावट है यह दूध आप पैकेट वाला ले रहे हों या खुला दूध लेते हो दूध में गाढ़ा पन लाने के लिए इसमें केमिकल मिलाएं जाते हैं।
यहां तक कि खाने का तेल रिफाइंड भी मिलावटी आने लगा है ।बाहर के खाने को एक ही तेल में बार-बार पकाया जाता है जो की सेहत के लिए बहुत नुकसानदायक साबित होता है।
इसके अलावा नाश्ते में उपयोग आने वाली डेरी प्रोडक्ट की वस्तुएं भी अशुद्ध और मिलावट से बनी हुई है।
जागरूकता ही हमें हमारी खाने की थाली में शुद्ध और अशुद्ध चीजों की पहचान करा सकती है इसके अलावा बाहर का खाना त्योहारों के वक्त में जहर से कम नहीं है ऐसे में अपनी सेहत को ध्यान में रखते हुए घर का बना शुद्ध खाना ही खाएं स्वास्थ का ध्यान रखना स्वाद के ध्यान से ज्यादा जरूरी है ।
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