विपक्ष और छात्रों का आंदोलन खत्म करने के लिए पीएम मोदी ने बृहस्पतिवार सुबह 9:00 बजे नीट पेपर लीक मामले में फास्ट ट्रैक कोर्ट का गठन के बारे में कहा है।
पीएम मोदी ने कहा पेपर लीक मामला कोई मामूली विषय नहीं है लाखों विद्यार्थी और माता-पिता के लिए बेहद पीड़ादायक है । इसके साथ ही उन्होंने कहा छात्रों का 1 वर्ष बर्बाद ना हो किसी सरकार ने पूरी शक्ति का उपयोग करके 22 लाख विद्यार्थियों की परीक्षा का प्रबंधक किया।
पीएम मोदी द्वारा फास्ट्रेक कोर्ट के गठन का ऐलान करने के बाद लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुलगांधी ने सरकार पर शब्दों के बार करते हुए कहा की सरकार ने शिक्षा-व्यवस्था पर कब्जा किया है और युवाओं के भविष्य को सबसे ज्यादा नुकसान पहुंचाया है और बर्बाद होने में बढ़ावा भी दिया गया हर व्यक्ति को संरक्षण दिया जो इन कार्यों के जिम्मेदार हैं।
इसके साथ ही नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी ने बताया छात्रों की मांग साफ हैं ।छात्रों से माफी मांगें , छात्रों के साथ हिंसा करने वालों के खिलाफ कार्रवाई हो, और सबसे पहले शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान को पद से हटाना चाहिए।
पीएम मोदी के नीट पेपर लीक मामले में फास्ट ट्रैक कोर्ट गठन का एलान करने के बाद गृहमंत्री अमित शाह की निगरानी में उच्च स्तर की बैठक चलीं।
दिल्ली हाई कोर्ट ने फास्ट्रेक कोर्ट के गठन की अधिसूचना जारी कर दी है।
देश में चारों तरफ से आंदोलन की खबरें बढ़ती ही जा रही है तो ऐसे में पीएम मोदी का नीट पेपर लीक मामले में फास्ट ट्रैक कोर्ट गठन बनाना क्या छात्रों का गुस्सा शांत करने में प्रभावी हो सकता है या नहीं पर पिछले कुछ दिनों से छात्रों ने जो आंदोलन किया है उससे यह तो साबित होता है छात्र जब इंसाफ मांगने की जिद पर आ जाएं तो सरकार को भी झुकना पड़ता है।
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