चिड़चिड़ापन रहना

आज के वक्त में लगभग हर दूसरा व्यक्ति शायद जोर से चिल्लाता हुआ मिले अशांत या फिर गुस्सा मिले।आखिर कभी सोचा है ऐसा क्यों होता है बेवजह की बात पर चीखना चिल्लाना ऊंचे स्वर में बात करना ।

हर वक्त चिंतित रहना अकेले रहना किसी की बात को पसंद ना करना और किसी भी कार्य को समय पर ना कर पाना क्या ऐसा आपके साथ भी होता है अगर हां तो यह समस्या कोई बड़ी समस्या नहीं है।

समाज में ,परिवार में, रिश्तेदारी में ऐसा कुछ न कुछ होता ही रहता है जो कि हमें चिंता देता है और जिससे हम बेवजह की चिंता में डूब जाते हैं जिससे हमें कोई लेना देना नहीं होता।

इस सब का असर हमारे स्वस्थ्य पर हमारे दैनिक जीवनचर्या पर और हमारे निजी जीवन पर पड़ता है । स्वास्थ्य का देखा जाए तो कमजोरी आना ब्लड प्रेशर जैसी परेशानी होना नींद कम होना बालों का झड़ना ऐसी बहुत सी स्वास्थ्य संबंधित परेशानियां तनाव के कारण होने लगती हैं।

कुछ लोगों में मानसिक बीमारी के लक्षण भी दिखने लगते हैं और फिर इलाज और दवाओं का लेना बस यही रह जाता है।

पर क्या इन समस्याओं का कोई समाधान नहीं है।अगर हम चाहे हमें समय रहते सावधान होना होगा हमें समझना होगा अपने जीवन की महत्वपूर्णता को और खुद को रोकना होगा बेवजह की चिंता लेने से और कभी-कभी चिड़चिड़ापन लेने की वजह घर का अशांत माहौल भी हमें परेशानी देता है ऐसी कई स्थितियां है जो हमें मानसिक विकार देती है

इसलिए खुद को और अपनों को ऐसे माहौल से दूर रखिए जो कि आपके लिए आपके परिवार के लिए नुकसान दायक है।

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