जीना चाहिए हर पल

हम अपनी जिंदगी में घड़ी की सूई की तरह जीवन भर तयशुदा ज़िन्दगी जीते हैं। धरती पर ऐसा कोई भी मनुष्य नहीं है जो कि अपने जीवन में कुछ पाने की मशक्कत न करता हो ।हर किसी को अपने से आगे व्यक्ति को देखकर आगे निकलने की होड़ में , अच्छा भविष्य बनाने की ज़िद में अपने वर्तमान के पलों को नहीं जीता।

आखिर क्या चाहिए इंसान को जिसे पाने के चक्कर में अपने हर पल को जी ना भूल चुका है ।क्या सबसे बड़ी खुशी सिर्फ सबसे आगे निकलने में ही मिलती है या फिर कुछ बड़ा काम करने में ही मिलती है।

जी नहीं ऐसा है बल्कि हमारी जिंदगी की असली खुशी जीवन के हर पल को जीने से मिलती है हम अपने जीवन का एक बहुत बड़ा हिस्सा अपनों की जिम्मेदारी निभाने में खर्च कर देते हैं। जिस वजह से हम अपने आप को लगभग भूल सा जाते हैं क्या हमारे शौक हैं क्या हमारी पसंद है क्या नापसंद है किस चीज से हमें फर्क पड़ता है या फर्क नहीं पड़ता यह सब हम भूल जाते हैं।

लेकिन कुछ तरीके अपनाकर अगर हम चाहे तो अपने जीवन के हर पल को जी सकते हैं। इसके लिए हमें कुछ ज्यादा करने की जरूरत नहीं होती याद करो जब हम बचपन में छोटे थे तो क्या हमें ज्यादा दोस्तों की जरूरत होती थी या फिर महंगे खेल खिलौने की जी नहीं ऐसा कुछ भी हमें नहीं चहिए होता था लेकिन फिर भी हम अपने जीवन के हर पल को जीते थे।

सबसे पहले खुद को व्यवस्थित करना सीखना चाहिए और अपने लिए वक्त भी निकालना सीखें उसके बाद कुछ वक्त के लिए टीवी पर मनोरंजन के लिए जैसे फिल्म या नाटक देख सकते है इसके अलावा इंसान के अंदर कुछ खासियत होती है जिस वजह से वह औरों से अलग होता है और वही खासियत उसकी ताकत भी बन सकती है। इसलिए अपनी पहचान भी करना सीखे।

जीवन के हर पल को जीने के लिए हमें एक फ्रेंड सर्कल भी बनाना चाहिए जहां हम छोटी छोटी बातों पर मजाक कर सके ।

दोस्तों जीवन जीने के लिए होता है अतः इसे यूं ही दुखों में ना व्यतीत करें बल्कि अपने जीवन के हर पल को उत्साह और खुशी के साथ जीना आना चाहिए और जरा जरा सी बातों में निराश होना भूल जाना चहिए।

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