अयोध्या में स्थित राम मंदिर मैं चढ़ावे चोरी की घटना की बातें जोरों पर है आखिर क्या है यह मामला और क्या सच है क्या झूठ है। आज के वक्त में इंसान के अंदर की इंसानियत खत्म हो चुकी है । क्या इंसान इतना गिर चुका है कि चढ़ावे तक को भी न छोड़े।
विश्वहिंदू परिषद् (विहिप) ने अयोध्या स्थित राम मंदिर के चढ़ावे चोरी की जांच हो इसके लिए मांग की है। और साथ ही कहा है जो कोई इस चोरी में शामिल हैं और मिले हुए हैं उन्हें कानून द्वारा सजा मिलनी चाहिए।
राम मंदिर पर आए चढ़ावे की चोरी करना उन भक्तों के सथ धोखा और उनकी भक्ति के साथ छल है जिन्होंने पूरी श्रद्धा और निष्ठा के साथ अपने आराध्य को श्री राम मंदिर में सेवा रूप में चढ़ावा भेंट किया था।
ऐसे में भक्तों की भावनाओं को ठोस लगी है । राम भक्तों की आस्था से खिलवाड़ भी हुआ है तो भक्तजन भी चाहेंगे कि जल्द से जल्द कानून द्वारा अपराधियों को पकड़ा जाए और सजा भी दी जाए।
पर क्या सरकार चोरी करनेवालों को बचा रही है। क्योंकि प्रदेश सरकार ने एफ आई आर तक नहीं दर्ज कराई हो सकता है कि कानून जब चढ़ावा चोरी मामले की छानवीन करेगा तो शायद और भी कई बड़े नाम सामने आने की आशंका हो।
राम मंदिर से चढ़ावा चोरी की घटना ने सुरक्षा-व्यवस्था पर भी सवाल उठाए हैं क्योंकि मंदिर के आसपास का इलाका और मंदिर परिसर सीसीटीवी कैमरे की नजर में रहते हैं और कंट्रोल रूम में निगरानी की व्यवस्था भी रखी गई है इस सब के बावजूद भी चढ़ावा चोरी होता रहा और और इस चढ़ावे चोरी की किसी को भनक तक नहीं लगी।
कुछ भी हो सकता है परंतु राम भक्त चाहेंगे कि राम मंदिर के चढ़ावे की चोरी करने वालों को कानून द्वारा सजा सुनाई जानी चाहिए बगैर किसी सहानुभूति के फिर चाहे वह कोई भी व्यक्ति क्यों ना हो ।
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