हम इंसान किसी संग्रहालय की दीवार पर टंगी हुई कोई तस्वीर नहीं है जिसे केवल देखा जाए और सराहा जाए। ईश्वर शक्ति प्रकृति या जो भी शक्ति हमें यहां इस धरती पर जन्म देकर भेजती है वह हमें केवल विस्तार देती है जीवन जीने की सोच और समझ भी देती है यही स्वतंत्रता मनुष्य का सबसे बड़ा उपहार भी है। अतः इंसान को अपने जीवन को यूं ही व्यर्थ नहीं जाने देना चाहिए।
अपने जीवन को कभी भी दुख या फालतू की सोच में व्यर्थ ना करें और ना ही अपने जीवनकाल की धार को को यूं ही खाली न बहने दें बल्कि अपने खालीपन में उत्साह के रंग भरना सीखें कभी-कभी इंसान किसी को पसंद करता है और उसी के जैसे ही अपने जीवन को जीने लगता है और मैं खुद क्या चाहता है वह कभी समझने की कोशिश नहीं करता और ना ही जीवन के अर्थ को समझने की कोशिश करता इंसान औरों द्वारा मिले विचार को अपने जीवन में ग्रहण करते जाता है और इस तरह अपने जीवन को नीरस बना लेता है।
मनुष्य जीवन एक खाली कैनवस की तरह है जिसकी सुंदरता उसके साहस पूर्वक उठाई गई कदमों में है जो व्यक्ति भय असफलता पीड़ा और प्रेम मैं सफल होने से बचता रहता है वह शायद गलतियों से बच जाए पर जीवन की गहराई को खो देता है। जीवन उन लोगों का याद रहता है जिन्होंने डर के बावजूद अपने हाथों में अपने जीवन की खालीपन भरने केलिए साहस के कदम उठाए
समाज हर उस व्यक्ति को दंडित करता है जो सामान्य होने से इनकार कर दे और समाज के द्वारा बनाए गए नियमों का पालन न करे। इतिहास में हर सुंदर चीज को कभी ना कभी पागल कहा गया है जैसे कवि पागल, चित्रकार पागल, प्रेमी पागल सामान्य लोग संसार को वैसे ही स्वीकार करते हैं जैसा की वह है । पर कुछ लोग इन नियमों से अलग होकर अपने जीवन में सपनों के रंग भरते हैं और एक नया इतिहास लिखते हैं।
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