सवाल कहां से आया नमक।

नमक खाने के स्वाद को बढ़ाता है । मसालों में नमक के बिना अधूरापन है। चटपटे खाने की पहचान भी नमक से ही होती हैं हमारे खाने से लेकर चटपटी चाट तक नमक की पहुंच है । किचन से लेकर खाने की मेज तक नमक अपनी जगह बनाए हुए है एक चुटकी नमक खाने में स्वाद ले आता है और बिना नमक खाने का स्वाद अधूरा रहता है ।पर क्या कभी सोचा है यह नमक हमारी थाली तक कहां से आया ।

कितना पुराना है नमक और सबसे पहले नमक की पहचान किसने की‌ ऐसे कई अनगिनत सवाल है नमक को लेकर जो हमारे मन में आते रहते हैं।

नमक के प्रकार

वैसे तो नमक कई प्रकार का है। जिसमें से तीन प्रकार के नमक महत्वपूर्ण हैं । समुद्र से प्राप्त सादा नमक , सेंधा नमक, काला नमक।

आयोडीन युक्त नमक (सादा नमक)

समुद्री नमक (सी साल्ट ) समुद्र से निकला नमक जो की हमारे रोज के खाने में डाला जाता है। समुद्र से निकलने के बाद यह नमक सुखाया जाता है नमक से पानी सूखने के बाद यह नमक कंकड़ जैसा हो जाता है उसके बाद इस इस नमक को पीसा जाता है और रिफाइन करके खाने योग्य तैयार किया जाता है । नमक में आयोडीन भी मिला होता है जो कि हमारे शरीर के अच्छे विकास के लिए जरूरी होता है।

सेंधा नमक (लौहौरी नमक पहाड़ी नमक)

सेंधा नमक इस नमक को हम उपवास के वक्त प्रयोग में लेते हैं यह नमक देखने में हल्का गुलाबी होता है । हालांकि इस नमक में आयोडीन नहीं होता है। लेकिन सेंधा नमक में काफी मिनरल्स पाए जाते हैं जो कि हमारे स्वास्थ्य के लिए बेहतर होता है। यह नमक पहाड़ से प्राप्त होने की वजह से पहाड़ी नमक भी कहलाया जाता है।

काला नमक

काला नमक कहां से आता है ऐसा अक्सर हम सोचते हैं काला नमक प्राकृतिक तरीके से नहीं पाया जाता बल्कि उसको तैयार किया जाता है ‌। काला नमक तैयार करने के लिए एक खास प्रकार की भट्टी तैयार की जाती है भट्टी में आग लगाई जाती है और उसमें कई सारे खाली मटके रखे जाते हैं इन खाली मटको में समुद्र का खड़ा नमक डाला जाता है और उसके साथ छोटी हरण, बड़ी हरण ,सूखा आंवला और बबुल की छाल इत्यादि पदार्थ डाले जाते हैं ।

काला नमक खाना पचाने में फायदेमंद है। काला नमक ब्लड प्रेशर में भी फायदेमंद बताया गया है। काला नमक खाने से पाचन क्रिया ठीक रहती है ।

नमक हमारे खाने का स्वाद बढ़ाता है यह तो हम सभी जानते हैं परंतु नमक ज्यादा खाना भी सेहत के लिए नुकसानदायक हो सकता है इसलिए हमें अपनी सेहत का भी ख्याल रखना होगा इसलिए स्वास्थ्य के अनुसार ही नमक का प्रयोग किया जाए तो बेहतर होगा ।

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