मध्य प्रदेश जिसे भारत का हृदय भी कहा जाता है और जिसमें मध्य प्रदेश की आत्मा बसती है ।उज्जैन शहर के बारे में ऐसा कहा जाता है। उज्जैन में स्थित महाकाल मंदिर जिसका जितना गुणगान किया जाए उतना ही कम है।
शिप्रा नदी किनारे बसा यह नगर और मंदिर जिसे महादेव के 12 ज्योतिर्लिंग में से एक ज्योतिर्लिंग माना जाता है जो कि उज्जैन मंदिर में स्थित है।
उज्जैन मंदिर
उज्जैन मंदिर या कहो महाकाल मंदिर या फिर देवों के देव महादेव की नगरी यहां भक्तों ने भक्ति के प्रेम में रंगकर अपने आराध्य को कई नाम दिए हैं । यहां प्रतिदिन हजारों लाखों की संख्या में भक्त महाकालेश्वर मंदिर में अपने देव महादेव जी के दर्शन के लिए पहुंचते हैं।
महाकाल की नगरी उज्जैन में महाकालेश्वर मंदिर की एक विशेषता है यहां शवों की चिताओं से मिली राख से महाकाल का श्रंगार किया जाता है और आरती भी की जाती है।
बारह ज्योतिर्लिंगों में से एक ज्योतिर्लिंग महाकालेश्वर मंदिर में माना जाता है और इस मंदिर में भगवान् महाकालेश्वर का मुख दक्षिण दिशा की ओर है।
महाकालेश्वर मंदिर का रहस्य
महाकालेश्वर मंदिर से जुड़े कई रहस्य भी हैं जो कि समय-समय पर मानव जाति को इन रहस्यों पर सोचने पर मजबूर कर देती है।
महाकालेश्वर मंदिर में प्रतिदिन भक्त लोग प्रसाद में चढ़ावे के रूप में मदिरा चढ़ाते हैं और महाकालेश्वर की मूर्ति को भक्त स्वयं अपने हाथों से मदिरा पिलाते भी हैं और कहते हैं महाकालेश्वर इस मदिरा का रस पान भी करते हैं। इस कारण भक्त लोगों की महाकालेश्वर मंदिर से गहरी आस्था और लगाव है।
बाबा महाकालेश्वर का श्रृंगार और आरती जलाए गए शव की राख से होता है।
महाकालेश्वर की इस आरती के दर्शन के लिए बहुत दूर से भक्त आते हैं।
महाकालेश्वर मंदिर को लेकर भक्ति और आस्था से जुड़े ऐसे कई रहस्य प्रचलित हैं।
मृत्यु से मोक्ष
मध्य प्रदेश के उज्जैन में महाकालेश्वर मंदिर के रहस्यों के साथ-साथ मृत्यु से मोक्ष भी प्राप्त होता है । महाकालेश्वर के दर्शन मात्र से मृत्यु सय्या पर पड़े व्यक्ति के संकट कट जाते हैं और उसे मोक्ष प्राप्त होता है ऐसा कहा जाता है। इस तरह भगवान महाकाल अपने भक्तों के जीवन में आए संकट को दूर करते हैं और मृत्यु के समय बुरे कर्मों के पापों को भोगने से मोक्ष दिलाने में सहायक बनते हैं।
12 सालों में कुंभ का मेला भी उज्जैन में ही लगता है इसका एक कारण उज्जैन नगरी को पवित्र और आस्था की दृष्टि से धार्मिक माना जाता है।
उज्जैन में आकर भक्त लोग अपने पापों को पवित्र नदी में नहा कर धोते हैं और महाकाल के दर्शन करके अपनी अकाल मृत्यु के संकट को दूर करने की प्रार्थना भी करते हैं।
आस्था और धार्मिक
उज्जैन को महाकाल की नगरी कहां जाता है और भगवान महाकालेश्वर स्वयं अपनी नगरी का ध्यान रखते हैं भक्त लोगों में ऐसी आस्था और धार्मिक विश्वास है।
पुराने समय में माना जाता है उज्जैन नगरी में वेद ज्योतिष आयुर्वेद धार्मिक यज्ञ अनुष्ठान की शिक्षा-दीक्षा दी जाती थी।
ऐसी आस्था और धार्मिक विश्वास आज भी यहां रहने वाले व्यक्तियों के मुख से सुना जाता है।
महाकालेश्वर मंदिर की महिमा का वर्णन जितना हो उतना कम ही लगता है। महाकालेश्वर मंदिर से भक्तों की गहरी आस्था है।
भारत देश में कई धर्म के लोग हैं। लेकिन हिंदू सबसे पुराना धर्म माना जाता है और हिंदू धर्म से जुड़ी धार्मिक कथाएं प्रचलित हैं।
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