संतोषी माता का व्रत रखने से संतोषी मां अपने भक्तों के सारे दुख हर लेती हैं। इस व्रत को रखने के कुछ नियम है जैसे कि यह वृत शुक्रवार के दिन रखा जाता है और इस दिन एक वक्त खाना खाया जाता है पूरे दिन कोई भी खट्टी चीज नहीं खानी चाहिए और ना ही छूनी चाहिए।
संतोषी व्रतकथा सब ने सुनी है पर यहां पर एक सच्ची कथा बताई जा रही है।
संतोषी मां का दिन शुक्रवार को होता है और इस दिन भक्त बिना खाए पिए संतोषी मां का विधि द्वारा व्रत रखते हैं और अपनी श्रद्धा संतोषी मां मैं बनाए रखते हैं।
कहानी
पुराने समय की बात है एक नगर में एक आमीर साहूकार व्यक्ति अपनी बेटी के साथ रहता था । कुछ समय पहले ही उसे व्यक्ति की पत्नी खत्महो चुकी थी।
साहूकार की इकलौती बेटी थी ।जोकि अपने पिता की लाडली बेटी थी । पत्नी के गुजर जाने के कुछ समय बाद उसे व्यक्ति ने दूसरी शादी कर ली जिससे कि उसकी लड़की को मां का प्यार मिले। लड़की संतोषी मां की भक्त थी और संतोषी माता का सच्चे मन से व्रत रखती थी।
दूसरी औरत से उस साहूकार को एक पुत्री हुई । वह औरत अपनी लड़की का ख्याल रखती थी और अपने पति की पहली लड़की को पसंद नहीं करती थी । यह बात लड़की के पिताको पता थी और यह देखकर वह दुखी रहता था ।कुछ समय बाद की बात है, साहूकार को नगर से बाहर किसी काम से एक- दो महीने के लिए बाहर जाना पड़ा ।
साहूकार ने अपनी पहली बेटी को बाहर जाने की बात बताई और अपना ख्याल रखना यह कहकर चला गया । कुछ दिनों बाद उसके साथ गए व्यक्तियों ने खबर दी एक दुर्घटना में साहूकार की मौत हो गई । अपने पिता की मौत की खबर सुनकर उसकी पहली बेटी बहुत दुखी हुई। परंतु उसकी सौतेली मां और सौतेली बहन पर कोई असर नहीं पड़ा । दोनों साहूकार कीबेटी को दुखी रखती। लड़की घर का सारा काम करती।
लड़की संतोषी व्रत का पालन करने लगी पूरी श्रद्धा के साथ व्रत का नियम पालन करती ।
एक बार लड़की के सौतेली मां ने लड़की को खाने में जहर मिलाकर दे दिया जिससे कि वह लड़की मर जाए और सारी दौलत उसे और उसकी लड़की को मिल जाएं ।जैसे ही वह लड़की खाना खाने बैठी कि अचानक दरवाजे पर एक लड़की ने आवाज दी आवाज को सुनकर लड़की खाना छोड़ कर बाहर चली आई ।बाहर आकर जब उसने देखा कि स्वयं संतोषी मां उसके सामने खड़ी थी यह देखकर लड़की बहुत खुश हुई संतोषी मां ने उसको बताया की जो खाना तुम्हारी सौतेली मां ने तुम्हें खाने के लिए दिया है उसमें जहर मिला है इसलिए तुम उस खाने को फेंक दो यह कहकर संतोषी मां चली गई तत्पश्चात लड़की ने जहर मिले खाने को फेंक दिया। लड़की ने संतोषी मां के दर्शन देने की बात और खाने में जहर मिला है यह बात अपनी मां और सौतेली बहन को बताई यह सुनकर सौतेली मां और सौतेली बहनको पश्चाताप हुआ और उन्होंने उस लड़की से माफी मांगी और कहां कि अब हम भी संतोषी मां का व्रत रखगें और व्रत का पालन पूरी श्रद्धा से किया करेंगे।







