भक्ति कथा में गणेश कथा

बुधवार व्रत नियम

भक्तजन बुधवार के व्रत को रखते हैं और गणेश जी की उपासना करते हैं ।जो भक्त सच्ची लगन से भगवान गणेश जी की अर्चना करते हैं तो भगवान गणेश जी भी अपने भक्तों के मन की बात को भांपकर उनकी मुराद पूरी करते हैं।

बुधवार व्रत नियम में साफ सफाई का महत्वपूर्ण हिस्सा माना गया है क्योंकि भगवन गणेश बुद्धि के देवता माने गए हैं और जिस घर में साफ सफाई रहती है वहां बुद्धि भी निवास करती है और जिस घर के सदस्य उच्चबुद्धि रखते हैं वह अपने कार्य को भी भली भांति करना जानते हैं और अपने कार्यों में सफल भी होते हैं।

उच्च बुद्धि से किए गए कार्य तो सफल होते ही हैं उन कार्यों को करने से भगवान गणेश जी के आशीर्वाद से महालक्ष्मी भी उसे घर में विराजमान होती है क्योंकि पुराणों में बताया गया है जिस घर में गणेश जी निवास करते हैं वहां लक्ष्मी देवी जी भी स्वयं निवास करने आ जाती हैं। श्री गणेश जी को बुद्धि का देवता माना गया है जिन लोगों पर भगवान श्री गणेश जी प्रसन्न हो जाते हैं उन लोगों को अपने हर कार्य में सफलता मिलती है।

भगवान गणेश की कथा

भगवान श्री गणेशजी की बहुत सी कहानी भक्त लोगों ने सुनी हैं इसी प्रकार गणेशजी की कथा इस प्रकार है।

प्राचीन समय की बात है एक छोटे-से गांव में एक परिवार रहता था। उस परिवार में एक प्यारी-सी छोटी-सी लड़की अपने मां बाप के साथ बड़े प्यार से रहती थी।

लड़की का नाम रूपवती था।वह छोटी लड़की अपनी बातों से सबको हंसाती थी और पूरे दिन खेलती रहती थी उसे खेलते देखकर उसके मां-बाप बड़े खुश हुआ करते थे।

एक बार गांव से थोड़ी दूरी पर गणेश मेला लगा हुआ था।गांव के सारे बच्चे गणेश मेला देखने जा रहे थे तो इस पर उस छोटी लड़की ने अपनी मां से मेला देखने जाने के लिए कहा ।मां ने कहा गणेश मेला तो गांव के बाहर लगा है और तुम छोटी हो इस पर लड़की जिद करने लगी और गणेश मेला जाने के लिए कहने लगी।

बच्ची को जिद करते देख मां ने कहा की अच्छा चली जाओ मेला देखने यह कहकर मां ने छोटी लड़की के हाथ में दो लड्डू और एक बर्तन में पानी दिया और कहा गणेश मेला में पहले गणेश जी को लड्डू का भोग लगाना और पानी देना और उसके बाद तुम भी खा लेना ।

शाम हो गई गणेश मेला भी खत्म हो गया।सब गणेश मेला देखकर लौट भी आए परन्तु वह छोटी लड़की नहीं लौटी ।बहुत देर रात होने के बाद वह लड़की अपने घर पहुंची।

लड़की को आते देख चिंतित मां लड़की को गले लगाकर पूछने लगी बेटी मेले से तो सब जल्दी लौट आए थे तुझे इतनी देर कहां हो गई ।छोटी लड़की ने कहा मां जो तुमने लड्डू दिए थे गणेश भगवान के लिए वह लड्डू गणेश भगवान ने बहुत देर से खाये जिस कारण आने में मुझे देर हो गई।

लड़की ने यह भी बताया कि मां गणेश भगवान ने लड्डू खाकर मुझे कुछ भी मांगने को कहा पर मुझे कुछ समझ नहीं आया कि मैं क्या मांगू तो इस पर गणेश भगवान ने मुझसे कहा कि अभी तुम अपने घर जाओ बहुत देर हो चुकी है और जो भी तुम चाहती हो वह सब तुम्हें मिल जाएगा। मां ने यह सुनकर बेटी से कहा चलो बहुत रात हो गई है सोते हैं ।मां बेटी जाकर सो गए फिर जब सुबह हुई तो बेटी ने देखा की जो कुछ उसके मन में था वह सब उसके घर में है मौजूद था। यह सब भगवान गणेश जी के आशीर्वाद से हुआ था।

इस तरह गणेश भगवान ने उस छोटी लड़की की भक्ति देखकर और प्रसन्न होकर उसे धन-धान्य दिया।

भगवान गणेश जी को किसी भी शुभकार्य में प्रथम निमंत्रण दिया जाता है माना जाता है गणेश जी मंगल कार्य को सही तरह से पूर्ण करते हैं और आने वाली विपदा को हर लेते हैं ।भगवान गणेश जी भक्त के इस विश्वास को पूरा करते हैं । जय श्री गणेश।

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