अनुशासन में रहकर व्यक्ति सफल हो सकता है या फिर कहे सफलता का मंत्र अनुशासन ही है । अनुशासन कोई पाठ नहीं है जिसे आपने एक बार पढ़ लिया और वह आपको याद हो जाए ।अनुशासन का मतलब वैसे तो हम सब अच्छी प्रकार भलि भांति जानते हैं।
अक्सर मनुष्य अनुशासन को सफल होने का साधन मानता है और मनुष्य सोचता है कि अनुशासन में रहकर कुशल नागरिक ही नहीं बल्कि अनुशासन उसे जीवन में अच्छी उपलब्धियां भी दिलाता है। जिससे कि वह समाज में प्रतिष्ठा प्राप्त कर सके।
वैसे मनुष्य अनुशासन में रहकर और अनुशासित होकर अपने जीवन में हर उपलब्धि को पा सकता है और यह सत्य भी है लेकिन क्या सिर्फ अनुशासन का अर्थ उपलब्धि पाना ही है क्या अनुशासन हमारी आत्मा से नहीं जुड़ा ?
अनुशासन में रहकर मनुष्य शांत और कुशल व्यक्तित्व प्राप्त करता है वाकई क्या सही है या ग़लत है और क्या उचित है क्या अनुचित है यह सब मनुष्य धीरे-धीरे समझने का प्रयास करता है ।
सदियों से मनुष्य ने समझने का प्रयास किया है कि अनुशासन जीवन में क्यों आवश्यक है क्यों महत्वपूर्ण है क्यों एक जिम्मेदार इंसान को अनुशासन में रहना आवश्यक है हर व्यक्ति की अपनी अपनी सोच और अपने अपने मत है किसी का मानना है कि अनुशासित व्यक्ति को देखकर समाज भी उसका अनुसरण करता है। तो कुछ लोगों का कहना है अनुशासन जीवन को नई दिशा देता है और समझदारी की सोच देता है।
अनुशासन से समझ आती है जीवन के मूल्यों के बारे में क्या आवश्यक है क्या अनावश्यक है। इस सबसे अलग अनुशासन हमें शांत और स्थिर रहना सिखाता है। अनुशासन मनुष्य को अंदर से इतना विकसित कर देता है कि चाहे कोई भी परिस्थिति हो वह अपनी स्थिरता को नहीं खोता।
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