प्रधानमंत्री द्वारा शुरू की गई उज्ज्वला योजना का उद्देश्य गरीब परिवारों के लिए विशेष कर महिलाओं को धुएं में भोजन बनाने से मुक्ति दिलाना और स्वस्थ ईधन उपलब्ध कराना है ।
क्या है उज्ज्वला योजना
भारत देश के गरीब परिवारों के लिए प्रधानमंत्री द्वारा उज्ज्वला योजना 1 मई 2016 को शुरू की गई। इस योजना का उद्देश्य है महिलाओं को धुएं से आजादी और स्वस्थ ईंधन प्रदान करना था । पहले इस योजना के अंतर्गत साल में 9 एलपीजी सिलेंडर मिलते थे परंतु अब 4 कर दिए गए है।
गरीब लोगों के लिए
उज्ज्वला योजना शुरू करने का मकसद गरीबी रेखा से नीचे रहने वाले परिवार के लिए है ।जिन परिवारों के पास बीपीएल कार्ड है उन परिवार को फायदा दिलाने के लिए उज्ज्वला योजना शुरू की गई।
धुएं से आजादी
उज्ज्वला योजना के बाद से हर घर में स्वस्थ ईंधन दिखने लगा। और उज्ज्वला योजना का सबसे अधिक फायदा महिलाओं को हुआ क्योंकि अब भोजन धुएं में बैठकर नहीं पकाना पड़ता और इससे महिलाओं को धुएं से होने वाली समस्याओं से भी आजादी मिली ।
एलपीजी सिलेंडर की संख्या
अभी तक एलपीजी सिलेंडरों के साल में मिलने की संख्या 9 थी। केंद्रीय पेट्रोलियम मंत्री हरदीप सिंह द्वारा सब्सिडी वाले एलपीजी सिलेंडरों की संख्या 9 से घटाकर 4 कर दी गई है। एलपीजी सिलेंडर की संख्या घटाने की वजह के पीछे एक समस्या यह भी बताई जा रही है कुछ लाभार्थी सब्सिडी वाले सिलेंडरों का व्यवसायिक उपयोग कर रहे थे।
पारदर्शिता
उज्ज्वला योजना में पारदर्शिता होना बहुत जरूरी है क्योंकि कुछ लाभार्थी इसका दुरुप्रयोग कर रहे हैं जिस कारण सरकार को सब्सिडी सिलेंडर की संख्या घटानी पड़ी। परंतु कुछ परिवार ऐसे भी हैं जिनकी ईंधन की खपत अधिक है और उन्हें सरकार के इस फैसले से परेशानी हो सकती है। इसलिए सरकार को उज्ज्वला योजना के लाभार्थियों की जांच करना जरूरी है। जिससे उचित न्याय मिले।
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