आज हम डिजिटल और AI युग में जी रहे हैं जहां हमारी रोजमर्रा के छोटे छोटे कार्यों में भी हमें डिजिटल मदद मिलने लगी है जैसे कि बैंकिंग क्षेत्र में ही इंटरनेट बैंकिंग ,मोबाइल बैंकिंग यूटीआई पेमेंट्स इत्यादि उपयोग में डिजिटल बैंकिंग का विस्तार हुआ है जो की काफी सुविधा जनक है ।जिससे वित्तिय लेन-देन में सुविधा मिली है।
इसी तरह AI के आने से हमारे जीवन के काफी क्षेत्र मे सुविधा मिली है जैसे कि घर बैठे आपको देश-विदेश की सूचनाएं मिलती है और यहां तक कि डिजिटल एजेंट भी है जो आपकी रोजमर्रा के कामकाज को व्यवस्थित करने में मदद करता है यह थोड़ा अजीब लगता है पर हम शायद कुछ ऐसे ही युग में जी रहे हैं।
डिजिटल और एआई के नुकसान
डिजिटल और एआई के आने से हमारे जीवन को सरलता मिली है इसमें कोई शक नहीं है परंतु डिजिटल और एआई के कुछ नुकसान हो सकते हैं जैसे की डिजिटल के क्षेत्र में धोखाधड़ी भी बड़ी है
साईबर धोखा-धड़ी जैसे की फोन कॉल पर किसी अनजान व्यक्ति का धोखे से हमारा पासवर्ड याओटपी लेना और हमारे खाते से वित्तीय धोखा-धड़ी करना या फिर हमसे अंजाने में जानकारी हासिल करके हमारी निजता को हानि पहुंचाना। इसी तरह कई धोखाधड़ी शामिल है।
सोचने वाली बात है एआइ के आ जाने से इंसान हर छोटे बड़े कामों के लिए एआइ पर निर्भर रहने लगा है तो उसका मानसिक विकास किस तरह होगा इसके लिए आपको स्वयं पर भी निर्भर रहने की आदतों को थोड़ा बहुत बनाए रखना चाहिए।हालांकि अभी इसमें ऐसा कुछ भी देखने को नहीं मिला है परंतु भविष्य को देखते हुए एसे विचारों का आना स्वाभाविक है।
इंसान को जीवन के हर क्षेत्र में एआई पर ही निर्भर रहना अच्छा नहीं है कुछ विशेषज्ञ कहते हैं एआई का इस्तेमाल विचारों के लिए करते हैं पर किसी को यह पता चले कि उसे क्या करना है क्या लिखना है यह सब सोचने का कार्य व्यक्ति को स्वयं करना चाहिए ना कि एआई पर डालना चाहिए।
डिजिटल और एआइ के आने से हमारे जीवन को सरलता मिली है यह सच बात है पर हमें इसके साथ-साथ खुद को भी समझदारी के साथ चलने के नियम समझने होंगे जैसे की हमेंअपनी निजी जानकारी के बारे में किसी और को नहीं बताना चहिए और बड़ी सतर्कता के साथ समझदारी दिखानी चाहिए समय के साथ समझदार वनना सीखना होगा।
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